*रामायण में रावण का किरदार निभाने पर रॉकिंग स्टार यश ने की बात*

*रामायण में रावण का किरदार निभाने पर रॉकिंग स्टार यश ने की बात*

 

फिल्म ‘रामायण’ को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच, फिल्म में काम करने के साथ-साथ अपने बैनर ‘मॉनस्टर माइंड क्रिएशंस’ के तहत इसे प्रोड्यूस कर रहे अभिनेता यश कॉमिक-कॉन इवेंट में अपनी टीम के साथ पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान, फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे यश ने इस रोल की गहराइयों, रामायण के विचारों और आज के समय में भी इसकी सीख क्यों जरूरी है, इस पर खुलकर बात की।

 

रामायण पर अपने विचार रखते हुए यश ने कहा, “किसी भी कहानी को बताने के लिए आपको अच्छाई और बुराई, सही और गलत दोनों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक, रामायण भगवान राम और रावण के बिल्कुल अलग रास्तों और सफर की कहानी है।

 

इस अंतर को समझाते हुए यश ने कहा, “भगवान राम राजा के रूप में जन्मे थे, लेकिन उनके सामने ऐसी स्थितियां आईं जहां उन्हें सब कुछ खोना पड़ा। फिर अपने अच्छे व्यवहार और सही कामों के दम पर उन्होंने अपनी ताकत वापस हासिल की। दूसरी तरफ, रावण ने बिल्कुल शुरुआत से सफर शुरू किया और बहुत ताकतवर बना। लेकिन कभी-कभी जैसा कहा जाता है, जब आप किसी राक्षस से लड़ते हैं, तो आप खुद उससे भी बड़े राक्षस बन जाते हैं। इस बात को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत होती है।”

 

यश के मुताबिक, यही अंतर इस कहानी को हर दौर के लिए खास बनाता है। जहां भगवान राम ने अपने संस्कारों और सही कामों से सब कुछ वापस पाया, वहीं रावण का सफर यह याद दिलाता है कि कैसे ताकत जब बदले और अहंकार से भर जाती है, तो विनाश की ओर ले जाती है।

 

रावण के बारे में बात करते हुए यश ने कहा कि यह किरदार सिर्फ एक साधारण विलेन (खलनायक) से कहीं ज्यादा गहरा है। उन्होंने कहा, “वह कई कलाओं का ज्ञानी था।” यश ने आगे जोड़ा कि अपार ज्ञान और क्षमताओं के बावजूद रावण आखिरकार “अपनी ताकत पर काबू नहीं रख पाया।” यश के अनुसार, यही विरोधाभास उन्हें पौराणिक कथाओं का सबसे दिलचस्प किरदार बनाता है।

 

यश ने यह भी बताया कि रामायण से उनका रिश्ता बचपन से है। उन्होंने बताया, “शायद यह पहली कहानी थी जो मैंने सुनी थी। मेरे दादाजी मुझे ये कहानियां सुनाया करते थे और आप अपने दिमाग में उनकी एक अलग दुनिया बना लेते हैं।”

 

रोल की तैयारियों पर बात करते हुए यश ने कहा कि उनका ध्यान रावण को नए सिरे से गढ़ने पर नहीं, बल्कि उसकी सोच को समझने पर था। उन्होंने खुद से पूछा, “एक एक्टर के तौर पर आप इसमें नया क्या ला रहे हैं? इस किरदार के बारे में आपकी अपनी क्या समझ है?” निर्देशक नितेश तिवारी और लेखकों की सोच की तारीफ करते हुए यश ने कहा, “मैं यह समझना चाहता था कि रावण ने जो कुछ भी किया, उसके पीछे उसकी क्या वजह थी। मेरे लिए उसके कामों के पीछे की मंशा को समझना बाकी किसी भी चीज़ से ज्यादा जरूरी था।”

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